इस अवसर पर अधिवक्ताओं, कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर मिठाइयाँ बांटकर अपनी खुशी प्रकट की।

सभा को संबोधित करते हुए भाजपा विधिक प्रकोष्ठ के ज़िला संयोजक जन्मेजय पाण्डेय ने कहा कि “छत्तीसगढ़ लंबे समय तक नक्सली हिंसा की पीड़ा झेलता रहा, जिसके कारण विकास की गति बाधित हुई। आज का दिन प्रदेश के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज होगा, जब हम भय के वातावरण से निकलकर विकास और विश्वास के युग में प्रवेश कर रहे हैं।”
संजय अम्बष्ट ने अपने उद्बोधन में कहा कि “नक्सलवाद ने वर्षों तक हमारे गांवों, युवाओं और संसाधनों को प्रभावित किया, लेकिन अब मजबूत इच्छाशक्ति और प्रभावी नीतियों के कारण प्रदेश नक्सल मुक्त हो रहा है। यह परिवर्तन छत्तीसगढ़ को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।”
रमेश शुक्ला ने कहा कि “आज का यह उत्सव केवल खुशी का प्रतीक नहीं, बल्कि उस संघर्ष की जीत है जो वर्षों से चल रहा था। अब प्रदेश में कानून-व्यवस्था मजबूत होगी और निवेश एवं विकास के नए द्वार खुलेंगे।”
पी आर कश्यप ने अपने वक्तव्य में कहा कि “नक्सल मुक्त छत्तीसगढ़ का अर्थ है सुरक्षित समाज, सशक्त युवा और समृद्ध भविष्य। अब सरकार की योजनाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेंगी और विकास की गति तीव्र होगी।”
प्रशांत शंकर त्रिपाठी ने कहा कि “यह उपलब्धि सुशासन, सुरक्षा बलों के पराक्रम और जनता के सहयोग का संयुक्त परिणाम है। अब छत्तीसगढ़ शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ेगा और देश के अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान बनाएगा।”
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित कार्यकर्ताओं ने भी इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य की शुरुआत है।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थितजनों ने छत्तीसगढ़ के विकास, शांति एवं समृद्धि के लिए संकल्प लिया तथा इस ऐतिहासिक उपलब्धि को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का संचालन धनंजय मिश्रा ने एवं आभार प्रदर्शन अरविन्द कन्नौजिया ने किया
इस अवसर पर विद्यानंद मिश्रा, प्रमोद तिवारी, श्याम नारायण पाण्डेय,सतीश शुक्ल, अमरेंद्र पाण्डेय, अमित पाण्डेय, विवेक पाण्डेय, विनय दुबे, मानो शर्मा, सहित वरिष्ठ एवं कनिष्ठ अधिवक्तागण उपस्थित रहे l



