*उच्च शिक्षा के विस्तार हेतु एम.लिब कोर्स शुरू करने की आवश्यकता*
*आजाद सेवा संघ के द्वारा उच्च शिक्षा विभाग के सचिव को पत्र लिखकर किया मांग*
अम्बिकापुर, छत्तीसगढ़।
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मुद्दे को उठाते हुए आज़ाद सेवा संघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश सचिव ने उच्च शिक्षा विभाग के सचिव को पत्र लिखकर अम्बिकापुर स्थित में एम.लिब. (मास्टर ऑफ लाइब्रेरी एंड इंफॉर्मेशन साइंस) पाठ्यक्रम प्रारम्भ करने की मांग की है।

अपने पत्र में श्री रचित मिश्रा ने बताया कि राजीव गांधी पी.जी. कॉलेज, अम्बिकापुर सरगुजा संभाग का एक प्रमुख शैक्षणिक संस्थान है, जहां से प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं बी.लिब. (बैचलर ऑफ लाइब्रेरी एंड इंफॉर्मेशन साइंस) की पढ़ाई पूर्ण करते हैं। सत्र 2024-25 में भी कई विद्यार्थियों ने यह पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक पूर्ण किया है, जो आगे उच्च शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक हैं।

उन्होंने तथ्यात्मक रूप से यह भी उल्लेख किया कि वर्तमान में पूरे सरगुजा संभाग में कहीं भी एम.लिब. पाठ्यक्रम संचालित नहीं हो रहा है। इस कारण विद्यार्थियों को रायपुर, बिलासपुर अथवा अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है। दूरस्थ स्थानों पर जाकर पढ़ाई करना न केवल आर्थिक रूप से महंगा पड़ता है, बल्कि रहने-खाने एवं अन्य व्यवस्थाओं के कारण विद्यार्थियों और उनके परिवारों पर अतिरिक्त बोझ भी बढ़ता है।
श्री मिश्रा ने यह भी कहा कि सरगुजा संभाग के अंतर्गत आने वाले जिलों — सरगुजा, कोरिया, सूरजपुर, बलरामपुर एवं जशपुर — के अनेक छात्र-छात्राएं पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान के क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं, किन्तु स्थानीय स्तर पर एम.लिब. की सुविधा उपलब्ध न होने के कारण उनकी पढ़ाई बीच में ही रुक जाती है या उन्हें मजबूरी में अन्य क्षेत्रों का चयन करना पड़ता है।
उन्होंने आगे बताया कि नई शिक्षा नीति (NEP) के तहत भी उच्च शिक्षा के विस्तार एवं स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है। ऐसे में अम्बिकापुर जैसे शैक्षणिक केंद्र में एम.लिब. पाठ्यक्रम प्रारम्भ करना समय की मांग है, जो क्षेत्रीय शैक्षणिक विकास को गति प्रदान करेगा।
आज़ाद सेवा संघ ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए इस विषय पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाए एवं आगामी शैक्षणिक सत्र से ही एम.लिब. पाठ्यक्रम प्रारम्भ करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं।
संघ ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह मांग केवल एक संगठन की नहीं, बल्कि पूरे सरगुजा संभाग के विद्यार्थियों की सामूहिक आवश्यकता है। यदि इस पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो संगठन द्वारा विद्यार्थियों के हित में आगे व्यापक स्तर पर आवाज उठाई जाएगी।



