रायपुर/24 मार्च 2026। अफ़ीम की अवैध खेती के लिए भाजपा सरकार और सत्ता में बैठे नेताओं की जिम्मेदारी तय करने की मांग करते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि भाजपा सरकार प्रदेश में दीनदयाल अफीम संवर्धन योजना चला रही है। प्रदेश के कद्दावर मंत्रियों के गृह जिलों में विगत 17 दिनों के भीतर 5 बड़े मामलों का खुलासा हुआ है। बेखौफ होकर अफीम की खेती का दुस्साहस बिना सत्ता के संरक्षण के संभव नहीं है, पहले दुर्ग के समोदा, फिर बलरामपुर में कुसमी और खजुरी और उसके बाद रायगढ़ जिले के तमनार और लैलूंगा में करोड़ों की अफीम की फसल अचानक नहीं हुई, अफीम कोई मशरूम की फसल तो है नहीं कि बंद कमरे में किया जा सके, खुलेआम एकड़ों में अवैध नशे की खेती और प्रशासन की खामोशी, बिना सत्ता के संरक्षण के संभव नहीं, सरकार अपने मंत्रियों को उनके गृह जिलों और प्रभार जिलों के अवैध गतिविधियों पर जवाबदेही तय करे।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि अभी तक प्रदेश के अलग-अलग कोनो में अफीम की खेती पकड़ाई है। अफीम की खेती का खुलासा जनता ने किया है। जनता ने पुलिस से शिकायत किया, पुलिस और राजस्व अमला क्या कर रहा था? अफीम की लहलहाती खेती 15 दिन, 1 महीने में तो तैयार नहीं हुई है, धान की फसल के दौरान जब पटवारी और राजस्व अमला गिरदावरी रिपोर्ट तैयार कर रहे थे तो उन्हें कैसे पता नहीं चला कि खेतों में अफीम लगा हुआ है? अफीम की खेती के गिरदावरी में मक्का, गेहूं, अन्य फसल तथा ककड़ी, तरबूज, सब्जी कैसे लिखा गया?
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि दुर्ग, बलरामपुर के दो स्थानों, रायगढ़ के तमनार, लैलूंगा अफीम की खेती पकड़ाई है और नगरी सिहावा में सरकार ने मामले को दबाने की कोशिश किया है। वहां पर फसल पर ट्रैक्टर चलवाया गया और कानूनी कार्यवाही नहीं की गयी है। सरकार ने किसको बचाने के लिए नगरी सिहावा में अफीम की फसल को नष्ट किया और दोषी पर एफआईआर दर्ज क्यों नहीं करवाया? इसका सीधा मतलब है कि अफीम की खेती सत्ता में बैठे हुए लोगों के संरक्षण में ही हो रही थी।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि दुर्ग जिले के समोदा में जिस भूमि पर भाजपा नेता अफीम की खेती कर रहा था, कृषि और राजस्व विभाग के सरकारी अफसर उस भूमि पर मक्का का खेती होना बताते रहे, प्रोत्साहन राशि भी दिया गया। भाजपा की सरकार ने डिजिटल गिरदावरी रिपोर्ट में उस जमीन पर मक्का, गेहूं और अन्य अनाज की खेती बताया है। बेहद स्पष्ट है कि छत्तीसगढ़ में अफीम की अवैध खेती भाजपा सरकार के संरक्षण में भी हो रहा है। बलरामपुर, तमनार, लैलूंगा, नगरी में अफीम की खेती करने वाले को भाजपा के किस नेता का संरक्षण था, जनता जानना चाहती है? जिन जमीनों पर अफीम की खेती हो रही थी, गिरदावरी में वहाँ अन्य फसल लगा होना बताया है, मतलब सरकारी अमले को पता था वहाँ अफीम की खेती हो रही थी, इसका मतलब साफ है कि सत्ता के संरक्षण में ही यह सब कुछ हो रहा है।



