समभाव महिला मंच द्वारा प्रतिवर्ष की भांति वर्ष 2026 के रोज़ा इफ़्तार कार्यक्रम का आयोजन स्थानीय अलंकार ग्रीन्स में मुस्लिम समाज की बहनों के लिये किया गया। समभाव की सभी समाज की सदस्य महिलाओं की आत्मीय सहभागिता और उपस्थिति ने इस आयोजन को पूरे समाज के लिए अत्यंत प्रेरक बना दिया।

हर बार की तरह इस बार भी इस आयोजन की सफलता के पीछे आपसी प्रेम, सौहार्द्र, सद्भावना और सामाजिक समरसता की भरपूर झलक देखने को मिली।
इस सफल आयोजन के लिए समभाव महिला मंच की सूत्रधार और संस्थापिका सुश्री वंदना दत्ता सहित मंच की सभी सदस्य बहनें धन्यवाद की पात्र हैं जिनकी एकजुटता और सद्भावना से इस साल भी ये आयोजन न सिर्फ़ साकार रूप ले पाया बल्कि अत्यंत सफल रहा।
आयोजन में अतिथि के रूप में नगर की प्रतिष्ठित चिकित्सक डॉ पुष्पा सोनी और स्थानीय पी जी कॉलेज की असिस्टेंट प्रोफ़ेसर डॉक्टर श्रीमती जसमीत ढिल्लो की गरिमामयी उपस्थिति और उद्बोधन ने आयोजन को और भी प्रभावी बना दिया।

एक बड़े समूह में किसी भी आयोजन की निरंतरता के पीछे आपसी सामंजस्य और सकारात्मक विचारधारा महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं, जिसकी मिसाल समभाव महिला मंच के हरेक आयोजन में भलीभांति देखी जा सकती है।

ज्ञात हो कि समभाव महिला मंच नगर अंबिकापुर में 16 दिसंबर सन् 2015 से क़ौमी एकता की एक मिसाल है जहां सभी समाज की बहनों को सुश्री वंदना दत्ता जी ने एकता के सूत्र में बांध रखा है।
रोज़ा इफ़्तार कार्यक्रम में समभाव की सदस्य बहनों के अलावा शहर से अन्य रोज़ेदार बहनें भी शामिल रहीं।
इस मौक़े पर मंच की संस्थापिका वंदना दत्ता ने समभाव महिला मंच की स्थापना की प्रथम बैठक को याद करते हुए इससे जुड़ी कई सुनहरी यादों को उपस्थित लोगों के समक्ष साझा किया और तब की अख़बार में छपी सचित्र ख़बर को सभी को दिखाते हुए बताया कि तब से लेकर अब तक सभी समाज का ये साझा मंच समय समय पर नगर व पूरे समाज में सद्भावना और भाईचारे का संदेश प्रसारित करता रहा है और आगे भी हमारा यही प्रयास रहेगा कि ये सिलसिला यूं ही अनवरत जारी रहे जिससे पूरे समाज में क़ौमी एकता का ख़ूबसूरत पैग़ाम खुशबू की तरह फैल जाए। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ शबनम ख़ानम ने किया।
अंजुम शमीम, रुही गज़ाला, लिलि कहकशा, नुजहत फातिमा, शिरीन खान ने रमज़ान पर अपनी अपनी बात रखी, अतिथियों ने अपने सम्बोधन में समभाव के इस पहल की प्रशंसा की। वरिष्ठ सदस्य सन्तोस पांडे जी भी मंचासीन थी एवं समाज की वरिष्ठ सदस्य रुबि सिदीकि जी ने बताया कि बहनों का रोज़ा इफ़्तार केवल अम्बिकापुर में ही निरन्तर हो रहा है अन्य कहीं भी बहनों के इफ़्तार आयोजन नहीं होता है।नॉशाबा , सरीफुन और अन्य मुस्लिम बहनों ने एक साथ नमाज़ अदा की, सभी बहनों ने साथ मिलकर इफ़्तार किया। आभार हिना परवीन ने किया और ज़रूरतमन्दों के लिए मुस्लिम बहनों ने मिलकर ज़कात भी दिया। *समभाव का आगामी आयोजन नवरात्रि पर व्रती बहनो को मंदिरों में फलाहार का वितरण, 22 मार्च और 24 मार्च* को 4 समूहों में 4 किया जाएगा, समभाव की लगभग 50 सदस्य उपस्थित थी, सभी ने ईद और नवरात्रि की शुभकामनाएं एक दूसरे को दीं।



