7 मार्च 2026 शनिवार को प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय अंबिकापुर द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत द्वीप प्रज्वलन चिकित्सक जिला चिकित्सालय डॉक्टर रूपल ठाकुर, सहायक प्रध्यापक पीजी कॉलेज डॉ रश्मीत कौर, अध्यक्ष जिला पंचायत निरूपा सिंह, प्रोफेसर पीजी कॉलेज डॉ रश्मि चरियानी, सीईओ बलरामपुर नयनतारा, सामाजिक कार्यकर्ता मीरा शुक्ला, प्रिंसिपल सरस्वती शिशु मंदिर मीरा साहू, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष फुलेश्वरी सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता वंदना दत्ता , शिल्पा अग्रवाल एवं ब्रह्माकुमारी संचालिका सरगुजा संभाग की बीके विद्या दीदी द्वारा किया गया।*

ब्रह्माकुमारी संचालिका सरगुजा संभाग की बीके विद्या दीदी* स्वयं नारी सशक्तिकरण के रूप में एक जीता जागता उदाहरण है उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर कहा कि नारी शुरुआत से पूजनीय हैं,वह स्नेह , करूणा ,बलिदान,त्याग की जननी है। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय महिलाओं का एक विशाल संगठन है जो मूल्य निष्ठ समाज की स्थापना एवं चरित्र निर्माण के कार्य में लगातार प्रयासरत है। इसका संचालन महिलाओं द्वारा होता है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य वर्तमान समय कलयुग में महिलाएं अपने अंदर की शक्तियों व अधिकार को भूल चुकी हैं विश्व परिवर्तन हेतु पहले स्व परिवर्तन करने के लिए अपने अंदर की शक्तियों, गुणों प्रेम, दया,करुणा को जगा कर स्वयं को शक्तिशाली बनाने की आवश्यकता है इसके लिए आध्यात्मिक शक्ति के माध्यम से आत्मिक बल द्वारा ही स्वयं को दैवीय गुणों से भरना है। आपसी प्रेम ही स्वर्णिम भारत का निर्माण कर सकता है। उन्होंने WOMEN का फुल फॉर्म बताते हुए कहा कि W-will Power मनोबल शक्ति द्वारा हर कार्य को संभव कर सकते हैं,O-Oneness एक की लगन में मगन एकाग्रता द्वारा अपने हर लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं, M-Might अपने अंदर की आंतरिक शक्ति को जागृत करना एवं आसुरी शक्ति पर विजय प्राप्त करना है,E-Enlightment अपने जीवन में दिव्यता को धारण करना है,N-Nobility उदारता अर्थात सबके प्रति शुभ भावना रखते हुए पूरे परिवार को एकता की सूत्र में बांध सकती हैं ,अपनी सकारात्मक सोच, दिव्य संस्कारों से स्वर्ग की स्थापना कर सकती है। नारी परिवर्तन की शक्ति है अंत में उन्होंने राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास कराया।सीईओ बलरामपुर नयनतारा* ने नारी शक्ति के उत्थान में बताया कि वर्तमान समय में मानसिक शांति के लिए आध्यात्मिक शक्ति की आवश्यकता है आध्यात्मिक शक्ति अर्थात ज्ञान और योग आत्मा और परमात्मा का ज्ञान होना। योग से चेतना जागृत होती है जो मन को नियंत्रित करता है चीजों का सही निर्णय कर हर एक चीज पर सफलता हासिल कर सकते हैं। *चिकित्सक जिला चिकित्सालय डॉक्टर रूपल ठाकुर* दवाईयों के साथ सकारात्मक सोच जरूर रखना है। साथ परमात्मा पर भरोसा । हमारे जीवन में शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक स्वास्थ्य भी जरूरी है। *सामाजिक कार्यकर्ता मीरा शुक्ला* ने कहा हर दिन महिलाओं का दिन है यदि महिला ना हो तो घर नर्क बन जाता है महिला और पुरुष एक गाड़ी के दो पहिए हैं हमेशा सकारात्मक सोच रखना है दूसरों को बदलने से पहले हमें स्वयं को बदलना है।* *सहायक प्राध्यापक पीजी कॉलेज अंबिकापुर डॉ रश्मीत* कौर* ने महिला दिवस के उपलक्ष्य में बताया कि महिला अपने आप में सम्मानित है मां की खुशी के लिए अपना तन मन धन समर्पित करना चाहिए आप है तो कल है। नारी नवीनता है,सृजनता है। नारी तुम महान हो तुम्हारे बिना परिवार नहीं चल सकता। *प्रोफेसर पीजी कॉलेज अंबिकापुर डॉक्टर रश्मि चरियानी* ने अपने अनुभव शेयर करते हुए बताया कि नारियों को अपने अंदर की शक्तियों को पहचानना पड़ेगा क्योंकि आध्यात्मिकता से नारी सशक्तिकरण संभव है निश्चय बुद्धि हो सकती है, वुमन एंपावरमेंट हो सकता है। महिलाएं हैं तो कल है आध्यात्मिकता के द्वारा ही आंतरिक शक्ति और आत्मविश्वास बढ़ता है। **अध्यक्ष जिला पंचायत निरूपा सिंह**ने अनुभव शेयर करते हुए सभी को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की बधाई दी। उन्होंने कहा की सकारात्मक सोच से अपने हर लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं। *पार्वती इंस्टीट्यूट से सहायक प्रिंसिपल प्रीति सोनी* ने भी अपने शब्दों के माध्यम से महिलाओं में शक्ति भरते हुए कहा कि सकारात्मक सोच से ही आत्म परिवर्तन हो सकता है। अपने आप में शक्ति है वह स्वावलंबी बने। *मीरा साहू* ने भी सभी महिलाओं की तरफ से आभार व्यक्त किया। *अदिति* *एवं परी ने* स्वागत डांस किया । *माता दुर्गा* अग्रवाल द्वारा भजन प्रस्तुत किया गया। *बी.के पुष्पा* द्वारा सुंदर एक्टिविटी कराया गया। कार्यक्रम की शुरुआत बहन परी द्वारा शक्ति तांडव नृत्य कर किया गया। कार्यक्रम में शहर केभाइयों सहित 200 महिलाएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन बी के प्रतिमा द्वारा किया गया।



