सरस्वती शिक्षा महाविद्यालय सुभाषनगर अम्बिकापुर सरगुजा के राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के द्वारा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सरगवां परिसर में आयोजित सात दिवसीय शिविर के छठवें दिन बौद्धिक परिचर्चा सत्र में अतिथि वक्ताओं के द्वारा मां सरस्वती एवं स्वामी विवेकानंद जी के छाया चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
सात दिवसीय विशेष शिविर का थीम स्वभाव स्वच्छता संस्कार स्वच्छता है। अतिथियों का स्वागत तिलक एवं बैज लगाकर किया गया। सर्वप्रथम अतिथि वक्ता एम सिद्धकी डायरेक्टर जन शिक्षण संस्थान अम्बिकापुर के द्वारा अपने उद्बोधन में कौशल विकास के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। कौशल विकास योजना के तहत् विभिन्न विषयों पर नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ऐसे प्रशिक्षणों से स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। तत्पश्चात् अतिथि वक्ता वरिष्ठ समाजसेवी मंगल पाण्डेय संयोजक नवा बिहान नशा मुक्ति जागरूकता अभियान एवं परामर्श केंद्र सरगुजा सह निर्देशक चिराग सोशल वेलफेयर सोसायटी अम्बिकापुर ने अपने उद्बोधन में युवा शक्ति एवं राष्ट्र निर्माण विषय पर प्रकाश डालते हुए कहा कि युवा शक्ति वह ताकत है जो समाज बदलाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।जब युवा शिक्षित, जागरुक और जिम्मेदार होते हैं तब राष्ट्र मजबूत एवं समृद्ध बनता है। बेरोजगारी,नशे की लत, मोबाइल एडिक्शन और दिशाहीनता जैसी समस्याएं युवाओं को कमजोर बना रही हैं। इसलिए युवा अनुशासन,अथक परिश्रम एवं नैतिक मूल्यों को अपनाकर अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं। वरिष्ठ समाजसेवी अजय तिवारी कर्मयोग राज्य समन्वयक आर्ट ऑफ लिविंग छत्तीसगढ़ ने अपने उद्बोधन में स्वास्थ्य एवं योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वास्थ्य को सही रखने के लिए हमें नियमित योग एवं प्राणायाम करना चाहिए।युवा समाजसेवी युथ आइकन अनिल कुमार मिश्रा समन्वयक नवा बिहान नशा मुक्ति जागरूकता अभियान एवं परामर्श केंद्र सरगुजा सह मुख्य कार्यकारी सी जी पी वी एस ने युवाओं को तनाव प्रबंधन एवं मानसिक स्वास्थ्य के सम्बन्ध में सारगर्भित उद्बोधन दिया। तनाव मुक्त जीवन होना सम्भव नहीं है किन्तु हम तनाव का उचित प्रबंधन कर सकते हैं। यदि तनाव लम्बे समय तक बना रहे तो कई समस्याओं को जन्म देता है। अतः हमें तनाव प्रबंधन के तरीकों के प्रति जागरूक होना पड़ेगा। वरिष्ठ समाजसेवी अमृत लाल प्रधान डायरेक्टर छत्तीसगढ़ प्रचार एवं विकास संस्थान ने युवाओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि युवाओं को स्वामी विवेकानंद के विचारों एवं आदर्शों को अपनाना चाहिए। अतिथि वक्ता विवेक सिंह ने भी युवाओं को सम्बोधित किया। तत्पश्चात् कार्यक्रम के अंत में सरस्वती शिक्षा महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ श्रद्धा मिश्रा ने अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना से छात्र-छात्राओं में व्यक्तित्व विकास के साथ-साथ राष्ट्रनिर्माण में साकारात्मक भूमिका निभाने के गुण भी विकसित होते हैं।इस सात दिवसीय शिविर के दौरान प्रतिदिन श्रमदान,खेल- कूद, योग , प्राणायाम, समाज सेवा एवं बौद्धिक परिचर्चा के माध्यम से छात्र-छात्राओं का व्यक्तित्व विकास किया जा रहा है। कार्यक्रम को सफल बनाने में राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी श्रीमतीरानी रजक एवं सहायक प्राध्यापक सुश्री सविता यादव , सुश्री सीमा बंजारे, सुश्री पूजा रानी, सुश्री अर्चना सोनवानी, श्री नितेश कुमार यादव, श्री सुन्दर राम एवं स्वयं सेवकों का सराहनीय योगदान रहा।



