*राजनांदगांव : जिला कांग्रेस कमेटी व्यापार प्रकोष्ठ के अध्यक्ष सैय्यद अफ़ज़ल अली नें कहा के केंद्रीय बजट-2026 की घोषणाओं के बाद देश में निराशा का माहौल है।*
*ये हताशा मोदी सरकारी के दावों और ज़मीनी हकीकत के बीच की गहरी खाई को साफ़ दर्शाती है।*
*आखिर ये बजट किसके लिए था..? बेरोज़गार युवा, हताश व्यापारी, टैक्स के बोझ तले दबा मध्यम वर्ग, संकट से जूझते किसान, बंद होते स्टार्ट-अप, बाज़ार सबके हिस्से में सिर्फ़ निराशा आई है।*
*”सैय्यद अफ़ज़ल नें कहा 2026 का केंद्रीय बजट साफ़ बता रहा है कि मध्यम वर्गीय व्यापारी, किसान, खेती और मेहनतकश अब सरकार की प्राथमिकताओं में नहीं रहे। यह कोई चूक नहीं, बल्कि एक राजनीतिक घोषणा है। पहली बार ऐसा बजट आया है जिसमें न किसान का ज़िक्र है, न सिंचाई, न खाद-बीज और न ही खेतिहर मज़दूर की चिंता। अन्नदाता को पूरी तरह नज़रअंदाज़ कर दिया गया है।*
*”महंगाई बेकाबू है, आम आदमी की ज़िंदगी लगातार महँगी होती जा रही है, लेकिन बजट में जनता को टैक्स में कोई राहत नहीं दी गई।*
*”यह सीधा टैक्स-शोषण है। इसके उलट, अमीरों के कारोबार, लग्ज़री खर्च और ऐशो-आराम पर छूटें दी गईं, जबकि बेरोज़गारी और बेकारी से जूझ रहे युवाओं व मध्यम वर्ग की उम्मीदें खाली रह गईं।*
*”यह बजट आम जनता का नहीं, बल्कि सत्ता के अपने लोगों को फायदा पहुँचाने का दस्तावेज़ है। इसमें भ्रष्टाचार को ढकने और व्हाइट मनी के रास्ते खोलने की कोशिश साफ़ दिखती है। यह जनविरोधी, किसान-विरोधी और गरीब-विरोधी बजट है, जिसका हम पुरज़ोर विरोध करते हैं। देश को सरकार का ज़ुल्म नहीं, इंसाफ़ चाहिए – बजट जनता का होना चाहिए, न कि चुनिंदा लोगों का।*
*”व्यापारी-कारोबारी बजट से निराश आम जनता की जेब में सीधा पैसा डालकर उनको आर्थिक रूप से संबल देने करने का काम करेगी परंतु यह बजट आम जनता की उम्मीद और अपेक्षाओं के पूरी तरह विपरीत और निराशाजनक रहा। एक तरफ वित्त मंत्री सीतारमण जी बजट पेश कर रही थी, दूसरी तरफ शेयर बाजार ओँधे मुंह गिर रहा था।जो इस बात का सबसे बड़ा प्रमाण है कि इस बजट से देश का कारोबारी और व्यापारी बुरी तरह हताश और निराश है।*
“सैय्यद अफ़ज़ल ने कहा कि देश का बजट सिर्फ आय और व्यय का ब्यौरा नहीं होता,बल्कि यह वर्तमान सरकार का पालिसी डाक्युमेंटश् होता है। जो यह बताता है कि आने वाले वित्तीय वर्ष में सरकार आम जनता के हितों के लिए किस प्रकार से काम करेगी। क्या ब्लूप्रिंट और क्या कार्य योजना होगी।परंतु यह बजट पूरी तरह से बिना रोडमैप का दिशाहीन और उद्देश्य विहीन बजट है। केंद्र सरकार का यह बजट विकसित भारत का बजट न होकर कारपोरेट घराने को फायदा पहुंचाने का बजट है।



