अंबिकापुर के नजदीक मैनपाट, जिसे स्थानीय लोग शिमला के नाम से भी जानते हैं, अब माइनिंग कंपनियों के लिए विवाद का केंद्र बन गया है। बालको कंपनी के बॉक्साइड खनन के बाद अब मां कुदरगढ़ी एल्मुनियम कंपनी का खनन प्रस्ताव जिला प्रशासन द्वारा जनसुनवाई के तहत विचाराधीन है।
पहले दिन की जनसुनवाई में करीब 102 ग्रामीणों ने अपने विचार रखे, जबकि 10 लोगों ने लिखित रूप में विरोध के पत्र जिला प्रशासन को सौंपे। अपर कलेक्टर सुनील नायक ने बताया कि लोगों की बड़ी संख्या ने कंपनी के खिलाफ विरोध दर्ज कराया है।
पूर्व मंत्री अमरजीत भगत भी मैनपाट के नर्मदापुर में चली इस जनसुनवाई में मौजूद रहे और उन्होंने कहा, “मैनपाट का शिमला अब खतरे में है।” उन्होंने आगे कहा कि मैनपाट पर्यटक स्थल के रूप में तेजी से विकास कर रहा है, लेकिन माइनिंग गतिविधि और बिना ग्रामीणों की सहमति के विकास के प्रयासों को कोई स्वीकार नहीं करेगा।
ग्रामीणों का साफ कहना है कि वे बिनास जैसी विनाशकारी गतिविधियों पर मैनपाट के विकास को मतभेद के बिना नहीं देखना चाहते। यह मामला आने वाले दिनों में ध्यान केंद्रित करने वाला है क्योंकि जनसुनवाई जारी है।



