*छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में आज 50 लाख के इनामी नक्सली सहित कुल 27 सक्रिय माओवादियों का आत्मसमर्पण इस बात का स्पष्ट संकेत है कि नक्सलवाद अब अपने अंत की ओर अग्रसर है। जिन इलाकों में कभी हिंसा और भय का साया था, आज वहां विकास, संवाद और विश्वास की नई रोशनी पहुंच रही है।*
*पीएलजीए बटालियन नंबर 01 के हार्डकोर माओवादी सहित विभिन्न स्तरों पर सक्रिय सदस्यों का आत्मसमर्पण, हमारी “नक्सलवादी आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025” और “नियद नेल्ला नार” योजना की सफलता का प्रमाण है। शासन की संवेदनशील पहल, लगातार स्थापित हो रहे सुरक्षा शिविरों और वनांचलों में सरकार के प्रति बढ़ते विश्वास से ही यह परिवर्तन संभव हुआ है।*
*हमारे सुरक्षाबलों- पुलिस, डीआरजी, सीआरपीएफ, कोबरा और एसटीएफ ने अदम्य साहस और संयम के साथ इस संघर्ष को निर्णायक मोड़ पर पहुँचाया है। यह केवल आत्मसमर्पण नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीतियों और भटके हुए लोगों के प्रति अपनाई गई संवेदनशील दृष्टि का परिणाम है।*
*माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के मार्गदर्शन में देश नक्सल मुक्त भारत के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है।*



