अंबिकापुर, 1 सितंबर, 2025 –
अंबिकापुर के स्वामी विवेकानंद विद्यालय में आज राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के अभिमुखीकरण कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य छात्रों को समाज सेवा और डिजिटल साक्षरता के महत्व से परिचित कराना था। इस प्रेरणादायक समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में श्री अजय गुप्ता और विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री रचित मिश्रा उपस्थित थे।

कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के स्वामी जी और प्राचार्य श्रीमती काकोली गांगुली द्वारा अतिथियों का पारंपरिक स्वागत करके हुई। उन्होंने अतिथियों को पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मान किया।
मुख्य अतिथि श्री अजय गुप्ता ने अपने संबोधन में छात्रों को एनएसएस से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि एनएसएस सिर्फ एक योजना नहीं है, बल्कि यह व्यक्तित्व विकास और राष्ट्र निर्माण का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि कैसे एनएसएस के माध्यम से युवा समाज के वंचित वर्गों की मदद कर सकते हैं, स्वच्छता अभियान चला सकते हैं, और प्राकृतिक आपदाओं के समय राहत कार्यों में योगदान दे सकते हैं। उन्होंने छात्रों को ‘आप नहीं, बल्कि आप ही’ (not me, but you) के आदर्श वाक्य का पालन करने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रोत्साहित किया।
विशिष्ट अतिथि श्री रचित मिश्रा ने अपने प्रभावशाली भाषण में डिजिटल सुरक्षा के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने छात्रों को बताया कि आज के डिजिटल युग में जहां तकनीक ने हमारे जीवन को आसान बनाया है, वहीं ऑनलाइन धोखाधड़ी और साइबर अपराध भी एक गंभीर चुनौती बन गए हैं।
उन्होंने सोशल मीडिया, ऑनलाइन
शॉपिंग और बैंकिंग के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। श्री मिश्रा ने छात्रों को फिशिंग, स्पैम कॉल और मैलवेयर जैसे खतरों से बचने के व्यावहारिक तरीके सिखाए, ताकि वे इंटरनेट का सुरक्षित उपयोग कर सकें।
इस विशेष अवसर पर, श्री अजय गुप्ता और श्री रचित मिश्रा के एनजीओ ने मिलकर विद्यालय के छात्रों को 100 कंप्यूटर की किताबें वितरित कीं। ये किताबें न केवल छात्रों के तकनीकी ज्ञान को बढ़ाएंगी बल्कि उन्हें डिजिटल दुनिया में आगे बढ़ने में भी मदद करेंगी।
कार्यक्रम में विद्यालय के एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी राकेश राय और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद थे। यह कार्यक्रम छात्रों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक रहा और उन्हें समाज सेवा के साथ-साथ डिजिटल युग की चुनौतियों का सामना करने के लिए भी तैयार किया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसके बाद सभी ने एक सकारात्मक और जागरूक भविष्य के निर्माण का संकल्प लिया।



